मारपीट और थप्पड़ कांड के बाद 12 सपा नेताओं पर FIR, अखिलेश यादव ने पार्टी की स्थानीय इकाइयां भंग कीं
गोरखपुर:
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय विवाद में बदल गई जब पार्टी नेताओं के बीच कथित तौर पर मारपीट हो गई। मामले में अब पुलिस ने 12 सपा नेताओं के खिलाफ FIR दर्ज की है।
घटना गोरखपुर के Journalists Press Club में आयोजित सपा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ अभियान के बारे में जानकारी देना था। लेकिन प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पार्टी के नेताओं के बीच विवाद बढ़ गया और देखते ही देखते हाथापाई शुरू हो गई।
रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व जिला अध्यक्ष नगीना साहनी को कथित तौर पर पार्टी नेता अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने थप्पड़ मारा। विवाद की शुरुआत कथित तौर पर बैठने की जगह को लेकर हुई, हालांकि घटना के पीछे पार्टी के अंदर चल रहे राजनीतिक मतभेदों की भी चर्चा है।
अब 12 नेताओं पर FIR
Journalist Press Club के अध्यक्ष ओंकारधर द्विवेदी की शिकायत पर कैंट पुलिस ने 12 सपा नेताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
नामजद लोगों में निवर्तमान जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम, महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व मंत्री मोहसिन खान, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, काजल निषाद, अंशुमान सिंह और उनके बेटे कमलेश सिंह समेत अन्य लोग शामिल हैं।
शिकायत में मारपीट, बलवा, गाली-गलौज और धमकी जैसे आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है।
पार्टी ने क्या किया?
घटना के बाद सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने गोरखपुर की जिला, महानगर और अन्य स्थानीय पार्टी इकाइयों को भंग कर दिया। यह कदम पार्टी के लिए काफी गंभीर माना जा रहा है, खासकर इसलिए क्योंकि घटना सार्वजनिक मंच और पत्रकारों के सामने हुई।
2027 चुनाव से पहले अंदरूनी तनाव?
गोरखपुर की घटना ऐसे समय सामने आई है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो रही हैं। रिपोर्टों में पार्टी के भीतर टिकट और स्थानीय नेतृत्व को लेकर चल रहे तनाव की भी चर्चा है।
लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगा कि यह घटना पूरी पार्टी की स्थिति को दर्शाती है। फिलहाल इतना स्पष्ट है कि सार्वजनिक मंच पर हुआ विवाद सपा के लिए छवि और संगठनात्मक अनुशासन, दोनों के लिहाज से असहज स्थिति पैदा कर चुका है।
