October 21, 2026
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मुंबई/नई दिल्ली: अभिनेता इमरान खान के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। मुंबई के Foreigners Regional Registration Office (FRRO) ने उन्हें दूसरा नोटिस जारी कर पूछा है कि उनका Overseas Citizen of India (OCI) कार्ड रद्द क्यों न किया जाए। यह नोटिस 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से जुड़े प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी के बाद आया है। इससे पहले उन्हें 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया गया था। इमरान खान ने पहले नोटिस को बॉम्बे हाई कोर्ट में चुनौती दी है।

FRRO के दूसरे नोटिस में क्या कहा गया?

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, FRRO ने इमरान खान से 15 दिनों के भीतर जवाब मांगा है। नोटिस में प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी, पुलिस की अनुमति न होने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गैरकानूनी जमावड़े से जुड़ा मामला दर्ज होने का उल्लेख है। अधिकारियों ने संकेत दिया है कि नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7D के तहत उनके OCI पंजीकरण को रद्द करने पर विचार किया जा सकता है। यह अभी कारण बताओ नोटिस है—OCI कार्ड रद्द करने का अंतिम आदेश नहीं।

रिपोर्ट के अनुसार, FRRO ने यह भी स्पष्ट किया है कि केवल FIR दर्ज होना या पुलिस हिरासत में लिया जाना अपने-आप में OCI कार्ड रद्द करने का निर्णायक आधार नहीं है। प्रदर्शन में भाग लेने मात्र से भी स्वतः कार्ड रद्द नहीं हो जाता। संबंधित गतिविधि की प्रकृति, परिस्थितियों और सार्वजनिक हित पर उसके संभावित प्रभाव का आकलन किया जाना है।

पहले नोटिस में 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश

14 अक्टूबर को जारी पहले नोटिस में इमरान खान को 28 अक्टूबर 2026 तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया था। रिपोर्टों के मुताबिक, नोटिस में Immigration and Foreigners Act, 2025 की धाराओं 7 और 29 का हवाला दिया गया। अधिकारियों ने कथित उल्लंघन के आधार पर निर्देश जारी किया, जबकि अभिनेता की ओर से कहा गया कि नोटिस में आरोपों का पर्याप्त विवरण और जवाब देने का अवसर नहीं दिया गया।

इमरान खान ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका दायर कर पहले नोटिस को चुनौती दी है। उनकी याचिका के अनुसार, आदेश में कथित उल्लंघन का स्पष्ट आधार नहीं बताया गया और इसे जारी करने से पहले उन्हें अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। ये याचिकाकर्ता के दावे हैं; इन पर न्यायालय का अंतिम निर्णय अभी नहीं आया है।

विवाद की शुरुआत कैसे हुई?

10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में नागरिक अधिकारों से जुड़े प्रदर्शन में इमरान खान भी मौजूद थे। प्रदर्शन में मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी और इसे चुनावी मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठे सवालों से जोड़ा गया था। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बताया गया कि आयोजन के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। बाद में इसी घटना के संदर्भ में इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस जारी हुआ।

इमरान खान अमेरिकी नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। OCI दर्जा भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों को भारत आने-जाने और निर्धारित शर्तों के तहत यहां रहने की सुविधा देता है, लेकिन यह भारतीय नागरिकता या भारतीय नागरिकों के सभी संवैधानिक अधिकारों के समान नहीं है।

OCI कार्ड क्या है और इसे रद्द करने का आधार क्या हो सकता है?

OCI यानी Overseas Citizen of India कार्ड विदेशी नागरिकों को दिया जाने वाला एक विशेष दर्जा है। इसके तहत भारत में प्रवेश और यात्रा की कई सुविधाएं मिलती हैं, लेकिन यह दोहरी नागरिकता नहीं है। OCI कार्डधारक विदेशी नागरिक ही रहते हैं और उन पर भारत के लागू कानूनों तथा संबंधित नियमों का पालन करना आवश्यक है।

नागरिकता अधिनियम, 1955 की धारा 7D में कुछ परिस्थितियों में OCI पंजीकरण रद्द करने का प्रावधान है। इसमें भारत की संप्रभुता, अखंडता, सुरक्षा, विदेशी देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों या सार्वजनिक हित जैसे आधार शामिल हैं। इस मामले में प्रशासन ने प्रारंभिक रूप से यह सवाल उठाया है कि संबंधित गतिविधियां OCI दर्जा जारी रखने के अनुकूल हैं या नहीं। कारण बताओ नोटिस का उद्देश्य संबंधित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का अवसर देना है।

क्या विदेशी नागरिक भारत में विरोध-प्रदर्शन कर सकते हैं?

इस मामले ने विदेशी नागरिकों के राजनीतिक प्रदर्शनों में भाग लेने, OCI दर्जे की शर्तों और प्रशासनिक शक्तियों की सीमा पर व्यापक कानूनी बहस खड़ी की है। भारतीय संविधान का अनुच्छेद 19 भाषण और सभा जैसे कुछ अधिकार भारतीय नागरिकों को देता है, जबकि अनुच्छेद 14 और 21 के संरक्षण का दायरा नागरिकों तक सीमित नहीं है। हालांकि, विदेशी नागरिकों के भारत में प्रवेश, रहने और देश छोड़ने से संबंधित अधिकार तथा शर्तें अलग कानूनों से भी नियंत्रित होती हैं।

इसलिए मामले का फैसला केवल इस सवाल पर निर्भर नहीं करेगा कि प्रदर्शन राजनीतिक था या नहीं। अदालत के सामने यह भी प्रश्न हो सकते हैं कि प्रशासन ने किस कानूनी प्रावधान का सहारा लिया, आदेश के कारण कितने स्पष्ट थे, प्रक्रिया का पालन हुआ या नहीं और संबंधित व्यक्ति को उचित अवसर मिला या नहीं। इन प्रश्नों पर अंतिम निष्कर्ष न्यायालय और संबंधित कानूनी प्रक्रिया से ही निकलेगा।

अब आगे क्या होगा?

इमरान खान को OCI रद्द करने के प्रस्ताव पर अपना जवाब देना है। साथ ही, भारत छोड़ने के पहले नोटिस के खिलाफ उनकी याचिका पर बॉम्बे हाई कोर्ट की कार्यवाही महत्वपूर्ण होगी। दोनों प्रक्रियाएं संबंधित जरूर हैं, लेकिन कानूनी रूप से अलग प्रश्न उठाती हैं: पहली, भारत में रहने के निर्देश की वैधता; दूसरी, OCI पंजीकरण रद्द करने के संभावित आधार और उसके लिए अपनाई जाने वाली प्रक्रिया।

जब तक सक्षम प्राधिकारी जवाब पर विचार कर अंतिम निर्णय नहीं लेता और अदालत याचिका पर आदेश नहीं देती, तब तक OCI कार्ड रद्द होने को तय तथ्य की तरह पेश करना सही नहीं होगा।

निष्कर्ष: इमरान खान को मिला दूसरा नोटिस उनके OCI दर्जे पर संभावित कार्रवाई की शुरुआत है, अंतिम फैसला नहीं। मामला विदेशी नागरिकों की राजनीतिक गतिविधियों, भारत में रहने की शर्तों और प्रशासनिक शक्तियों के न्यायिक परीक्षण से जुड़े अहम सवाल सामने लाता है। आगे की स्थिति उनके जवाब और बॉम्बे हाई कोर्ट की सुनवाई पर निर्भर करेगी।

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