मुंबई: महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग यानी MPSC की भर्ती परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं को लेकर चल रहे छात्रों के विरोध के बीच राज्य सरकार ने आयोग के सचिव महेंद्र हरपालकर का तबादला कर दिया है।
छात्र संगठनों ने MPSC की परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ छात्रों के प्रतिनिधिमंडल की बैठक के बाद सरकार ने सचिव के तबादले का फैसला किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि MPSC के अध्यक्ष संवैधानिक पद पर होते हैं और राज्य सरकार या राज्यपाल उन्हें सीधे पद से नहीं हटा सकते। अध्यक्ष के संबंध में निर्णय राष्ट्रपति द्वारा सुप्रीम कोर्ट की सिफारिश के आधार पर किया जा सकता है।
सरकार ने अगले तीन वर्षों में बड़े पैमाने पर सरकारी भर्ती अभियान चलाने की बात भी कही है। इसके लिए विभागवार भर्ती कार्यक्रम तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि MPSC की परीक्षाएं ऑफलाइन माध्यम से कराने और परीक्षा व्यवस्था से जुड़े फैसलों में छात्र प्रतिनिधियों से चर्चा करने पर विचार किया जाएगा।
