October 21, 2026
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अमेरिका के न्यू मैक्सिको राज्य में जेफ्री एपस्टीन से जुड़े यौन तस्करी मामले ने एक बार फिर नया कानूनी मोड़ ले लिया है। राज्य के अटॉर्नी जनरल राउल टोरेज़ ने एपस्टीन के लंबे समय तक वकील रहे डैरेन इंडाइके और लेखाकार रिचर्ड कान के खिलाफ दीवानी मुकदमा दायर किया है। राज्य का आरोप है कि दोनों ने एपस्टीन के कथित यौन शोषण और तस्करी के नेटवर्क को चलाने तथा छिपाने में मदद की। हालांकि, ये आरोप हैं, जिन पर अदालत में फैसला होना बाकी है।

मुकदमे में क्या मांग की गई है?

Epstein survivors' video message urges release of files: 'It's time to  bring the secrets out of the shadows' - ABC7 New York

21 अक्टूबर 2026 को दायर मुकदमे में न्यू मैक्सिको प्रशासन ने अदालत से आग्रह किया है कि एपस्टीन की संपत्ति से इंडाइके और कान को कोई भुगतान न किया जाए, जब तक मामले की सुनवाई और दावों पर निर्णय न हो जाए। राज्य का कहना है कि एपस्टीन की संपत्ति और ट्रस्ट में अब भी 10 करोड़ डॉलर से अधिक की रकम हो सकती है और दोनों व्यक्ति वसीयत के तहत बड़ी रकम पाने के पात्र हो सकते हैं।

मुकदमे का उद्देश्य केवल कथित भूमिका की जांच नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि एपस्टीन की संपत्ति का लाभ उन लोगों को न मिले जिन पर पीड़ितों के शोषण को संभव बनाने या छिपाने का आरोप है। राज्य का तर्क है कि संपत्ति के वितरण से पहले इन दावों की न्यायिक जांच होनी चाहिए और पीड़ितों के मुआवजे के अधिकारों पर विचार किया जाना चाहिए। अदालत ने इन दावों को सही ठहराया है या नहीं, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

कौन हैं डैरेन इंडाइके और रिचर्ड कान?

File:Darren Indyke and Richard Kahn Depositions Double Image.png -  Wikimedia Commons

डैरेन इंडाइके एपस्टीन के लंबे समय तक निजी वकील रहे, जबकि रिचर्ड कान उनके लेखाकार थे। दोनों एपस्टीन की संपत्ति के सह-प्रशासक भी हैं। न्यू मैक्सिको के अटॉर्नी जनरल का आरोप है कि उनकी भूमिका सामान्य कानूनी और लेखांकन सेवाओं तक सीमित नहीं थी और वे एपस्टीन से जुड़ी वित्तीय व्यवस्थाओं तथा संस्थाओं के संचालन में शामिल थे। अभियोग में यह भी दावा किया गया है कि इन व्यवस्थाओं ने कथित अपराधों को छिपाने और जारी रखने में मदद की।

दूसरी ओर, इंडाइके और कान पहले कह चुके हैं कि उन्हें एपस्टीन के यौन अपराधों की जानकारी नहीं थी और वे किसी तस्करी या शोषण गतिविधि में शामिल नहीं थे। कांग्रेस के समक्ष दिए गए बयानों में भी दोनों ने अनभिज्ञता जताई थी। इसलिए इस मामले में आरोप लगाने वाले पक्ष के दावों और प्रतिवादियों के इनकार—दोनों को ध्यान में रखना जरूरी है। दीवानी मुकदमे में दाखिल आरोप अपने आप में दोष सिद्ध होने के बराबर नहीं हैं।

जॉरो रैंच फिर जांच के केंद्र में

Amid allegations of abuse on Epstein's 'Zorro Ranch,' New Mexico opens new  probes | KGOU - Oklahoma's NPR Source

मामले का एक प्रमुख केंद्र न्यू मैक्सिको में स्थित जॉरो रैंच है, जो कभी एपस्टीन की संपत्ति थी। राज्य के आरोपों के अनुसार, इस विशाल परिसर में भी महिलाओं और लड़कियों के साथ दुर्व्यवहार हुआ। एपस्टीन ने 1990 के दशक में यह संपत्ति खरीदी थी। यहां कथित घटनाओं का उल्लेख पहले भी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेजों और गिस्लेन मैक्सवेल के मुकदमे में सामने आए बयानों में हुआ था।

एपस्टीन पर न्यू मैक्सिको में इन आरोपों के संबंध में पहले आपराधिक मुकदमा नहीं चला था। राज्य के अधिकारियों ने 2026 में इस संपत्ति और उससे जुड़े कथित अपराधों की जांच फिर शुरू की। इसी वर्ष राज्य ने अमेरिकी न्याय विभाग के खिलाफ भी मुकदमा दायर किया था, जिसमें बिना संपादित किए गए जांच दस्तावेजों तक पहुंच मांगी गई। राज्य का कहना है कि इन अभिलेखों से संभावित पीड़ितों, गवाहों और अन्य संभावित अपराधों की पहचान करने में मदद मिल सकती है। संघीय अधिकारियों ने कुछ जानकारी साझा करने पर पीड़ितों की पहचान और गोपनीयता से जुड़ी चिंताओं का हवाला दिया है।

एपस्टीन की मौत के बाद भी जवाबदेही का सवाल

Jeffrey Epstein: How conspiracy theories spread after financier's death -  BBC News

जेफ्री एपस्टीन की अगस्त 2019 में न्यूयॉर्क की जेल में मृत्यु हो गई थी, जब वह संघीय यौन तस्करी के आरोपों का सामना कर रहे थे। उनकी करीबी सहयोगी गिस्लेन मैक्सवेल को 2021 में यौन तस्करी से जुड़े अपराधों में दोषी ठहराया गया और 20 वर्ष की सजा सुनाई गई। एपस्टीन की मृत्यु से उसके खिलाफ आपराधिक मुकदमे की प्रक्रिया रुक गई, लेकिन पीड़ितों के मुआवजे, संपत्ति के बंटवारे और कथित सहयोगियों की जवाबदेही से जुड़े सवाल समाप्त नहीं हुए।

न्यू मैक्सिको की कार्रवाई इस व्यापक सवाल को फिर सामने लाती है कि किसी प्रभावशाली व्यक्ति के कथित अपराधों में पेशेवर सलाहकारों, वित्तीय प्रबंधकों और अन्य सहयोगियों की भूमिका की सीमा कैसे तय की जाए। वकील या लेखाकार के रूप में सेवाएं देना अपने आप में अपराध का प्रमाण नहीं है; जांच का सवाल यह है कि क्या किसी व्यक्ति को कथित अवैध गतिविधियों की जानकारी थी और क्या उसने उन्हें आगे बढ़ाने या छिपाने में जानबूझकर सहायता की। इसका निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर होना होगा।

अब आगे क्या होगा?

अब अदालत को राज्य की मांगों और प्रतिवादियों के पक्ष को सुनना होगा। यदि अदालत संपत्ति के भुगतान पर रोक लगाने का आदेश देती है, तो मुकदमे के दौरान संभावित लाभार्थियों को रकम मिलने पर अस्थायी रोक लग सकती है। आगे चलकर अदालत को यह भी देखना होगा कि राज्य के आरोपों के समर्थन में कौन-से साक्ष्य प्रस्तुत किए जाते हैं और क्या कानून के तहत संपत्ति से वसूली या पीड़ितों के मुआवजे का रास्ता बनता है।

यह मामला अभी आरोपों और दावों के स्तर पर है। इसकी अहमियत इस बात में है कि न्यू मैक्सिको प्रशासन एपस्टीन के कथित नेटवर्क की जांच को केवल मुख्य आरोपी तक सीमित न रखते हुए उन लोगों की भूमिका भी अदालत के सामने लाना चाहता है, जिन पर उसे सहायता या पर्दादारी का संदेह है। अंतिम निष्कर्ष अदालत के फैसले और सामने आने वाले साक्ष्यों पर निर्भर करेगा।

कानूनी स्थिति: इस रिपोर्ट में वर्णित आरोप मुकदमे में लगाए गए दावे हैं। डैरेन इंडाइके और रिचर्ड कान ने एपस्टीन के अपराधों की जानकारी या उनमें संलिप्तता से इनकार किया है। अदालत द्वारा दोष या दायित्व निर्धारित किए जाने तक आरोपों को सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।

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